मनचाही संतान होने के उपाय!लड़का होने के उपाय

संतान प्राप्ति किसी भी विवाहित स्त्री और पुरुष के लिए सबसे सुखद अनुभव होता है। हर स्त्री के माँ बनने की इच्छा होती है। हर कोई यह चाहता है की उनके आँगन में भी बच्चो की किलकारी हो लेकिन कुछ दंपति इस सुख से वंचित रह जाते हैं। संतान नहीं होने के कई कारण हो सकते है उनमे से एक है अशुभ ग्रहों का प्रभाव। लाल किताब के अनुसार ग्रहों के अशुभ प्रभाव को छोटे-छोटे उपाय करके दूर किया जा सकता है।मनचाही संतान होने के उपाय! लड़का होने के उपाय

  1. जिन स्त्रियों के कोई संतान नहीं, वे रोज गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें ।
  2. भगवान् गणेश की छोटी मूर्ति लाएं। उसे मंदिर में स्थापित करें और रोज एक लड्डू चढ़ाकर उस प्रसाद के दाने चिडि़यों को डालें ।
  3. प्रत्येक रविवार भगवान को दही अथवा मक्खन का भो लगाएं और फिर धूप आदि के बाद उसे स्वयं ग्रहण करें। ऐसा रोज करने से संतान बाधा दूर होगी ।
  4. पति-पत्नि दोनों लड्डू गोपाल की मूर्ति लाएं। उसे पालने में रखे और नए वस्त्रादि धारण कर, धूपादि अर्पित करके एक ऋतु फल और अंजीर तथा दही का भोग लगाएं। उस दिन उपवास करें। इसके पश्चात् प्रतिदिन इस प्रकार का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करके ही भोजन करें । जन्माष्टमी के दिन से यह उपाय आरंभ करें ।
  5. रविपुष्प के दिन एक संतान गोपाल यंत्र पूजा स्थान में लाल कपड़े पर स्थापित करें और गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें। संतानकष्ट दूर होगा ।
  6. जिन महिलाओं की संतान गर्भ में ही समाप्त हो जाती है वं मंगलवार को इक्कीस पान के पते लाएं। उन पर सिंदूर से राम लिखें फिर उन्हें हनुमान मंदिर ले जाएं और लाल कपड़े मं बांध लें और या तो बहते पानी में प्रवाहित करें अथवा पीपल के वृक्ष में चढा दें। आपका काम पूर्ण होगा ।
  7. संतानहीन स्त्री अपने घर के अथवा पड़ोस के बच्चे जिसकी उम्र दो से तीन साल के बीच है उसके साथ भोजन करें । हो सके तो उसका झूठा भोजन खाएं
  8. जिन विवाहित स्त्री-पुरुषो के कोई संतान नहीं है वे किसी शुक्ल पक्ष के गुरुवार को एक पीतल की भगवान् लड्डू गोपाल की मूर्ति लाएं और रोज उस मूर्ति की उसी प्रकार से पालन व सेवा करें जैसे माता-पिता अपनी संतान की सेवा करते हैं। बाल्य अवस्था में रोज उस मूर्ति को थाली के बीचो बीच रखकर स्नान कराएं, वस्त्र पहनाएं और भोग लगाकर फिर आप भोजन करें । जल्दी ही आपकी गोद भरेगी ।

लड़का होने के सही व आसान तरीका :-

यदि आप पति पत्नी दोनों ही पुत्र की प्राप्ति चाहते हो तो कुछ आसान से तरीके अग्रलिखित हैं उन्हें अपनाइए. आपको पुत्र अवश्य प्राप्त होगा. संतान की प्राप्ति माहवारी (पीरियड) के बाद पूरी तरह से संभोग पर ही निर्भर करती है. इस समय ही संभोग करने के बाद ही सुनिश्चित होता है कि आपको पुत्र प्राप्त होगा या पुत्री. माहवारी (पीरियड) के चौथे,  8वीं, 10वीं, 12वीं, 14 वीं  और 16 वीं रात को गर्भ धारण से पुत्र की प्राप्ति होती है. जबकि पीरियड शुरू होने वाले दिन से पांचवी, नौवीं, ग्यारहवीं  तथा 15 वीं रात को गर्भ ठहरने से पुत्री की प्राप्ति होती है.

लड़का पैदा करने के लिए पति-पत्नी दोनों को ही शुक्ल पक्ष की छठी, 8वीं, 10वीं, 12वीं, 14वीं और 16वीं रात को कई बार सेक्स करना चाहिए. अर्थात पति पत्नी को खुश होकर एक रात में कम से कम दो-तीन बार सेक्स करके आनंद की चरमोत्कर्ष को प्राप्त करना चाहिए. ऐसा करने से महिला के योनि द्वारा गर्भाशय में पहुँचने वाले शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है तथा उन अम्लीय तत्व को मदद मिलती है जिनसे शुक्राणुओं को लाभ पहुंचता है. इस दौरान X और Y क्रोमोसोम मिलकर लड़के का निर्माण करते हैं.

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