वशीकरण से भाभी को वश मे कैसे करे!कामदेव वशीकरण

कई बार ऐसा होता है कि आप किसी स्त्री की और आकर्शित हो जाते है| और उसे चाहते है पर ऐसा जरुरी नहीं होता की अगर आप किसी भी व्यक्ति को चाहे तो बदले में वो भी आपको चाहे, पर आप उसके बिना रह भी नहीं पाते है और किसी भी हालत में उसे पाना चाहते है, जो की अगर आप सामान्य रूप से ये सब सच होते देखना चाहते है तो बहुत मुश्किल है और बाकि आपकी किस्मत है पर टोने- टोटके वशीकरण से भाभी को वश मे कैसे करे!कामदेव वशीकरण ऐसी शक्ति होती है जिसके प्रयोग से आप जो चाहे पा सकते है तो आइये जानते है कुछ टोन-टोटके जो आपकी मदद कर सकते है

स्त्री वशीकरण टोटके

वशीकरण से भाभी को वश मे कैसे करे!कामदेव वशीकरण
वशीकरण से भाभी को वश मे कैसे करे!कामदेव वशीकरण

1.पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर लाएं व धूप देकर उसे अपनी दांयी भुजा में बांध लें तो प्रत्येक व्यक्ति वशीभूत होगा।

2.काकजंघा, तगर, केसर इन सबको पीसकर स्त्री के मस्तक पर तथा पैर के नीचे डालने पर वह वशीभूत होती है।

3.टी इलायची, लाल चंदन, सिंदूर, कंगनी , काकड़सिंगी आदि सारी सामग्री को इक्ट्ठा कर धूप बना दें व जिस किसी स्त्री के सामने धूप देगें वह वशीभूत होगी।

4.शनिवार के दिन सुंदर आकृति वाली एक पुतली बनाकर उसके पेट पर इच्छित स्त्री का नाम लिखकर उसी को दिखाएं जिसका नाम लिखा है। फिर उस पुतली को छाती से लगाकर रखें। इससे स्त्री वशीभूत हो जाएगी।

5.बिजौरे की जड़ और धतूरे के बीज को प्याज के साथ पीसकर जिसे सुंघाया जाए वह वशीभूत हो जाएगा।

7’नागकेसर को खरल में कूट छान कर शुद्ध घी में मिलाकर यह लेप माथे पर लगाने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।

8,नागकेसर, चमेली के फूल, कूट, तगर, कुंकुंम और देशी घी का मिश्रण बनाकर किसी प्याली में रख दें। लगातार कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका तिलक लगाते रहने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।

9.शुभ दिन एवं शुभ लग्न में सूर्योदय के पश्चात उत्तर की ओर मुंह करके मूंगे की माला से निम्न मंत्र का जप शुरू करें। 31 दिनों तक 3 माला का जप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है। मंत्र सिद्ध करके वशीकरण तंत्र की किसी भी वस्तु को टोटके के समय इसी मंत्र से 21 बार अभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति पर प्रयोग करें। अमुक के स्थान पर इच्छित व्यक्ति का नाम बोलें। वह व्यक्ति आपके वश में हो जाएगा।

मंत्र

ऊँ नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुक महीपति मे वश्यं कुरू कुरू स्वाहा।

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